April 3, 2025
Durga Ji Ki Aarti: माँ दुर्गा की आरती

Durga Ji Ki Aarti: माँ दुर्गा की आरती

Durga Ji Ki Aarti: माँ दुर्गा की आरती

Durga Ji Ki Aarti: माँ दुर्गा की आरती

ॐ जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी ।
तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिव री ॥
॥ जय अम्बे गौरी ॥

मांग सिंदूर बिराजत टीको मृगमद को ।
उज्ज्वल से दोउ नैना चंद्रबदन नीको ॥
॥ जय अम्बे गौरी ॥

कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजै।
रक्तपुष्प गल माला कंठन पर साजै ॥
॥ जय अम्बे गौरी ॥

केहरि वाहन राजत खड्ग खप्परधारी ।
सुर-नर मुनिजन सेवत तिनके दुःखहारी ॥
॥ जय अम्बे गौरी ॥

कानन कुण्डल शोभित नासाग्रे मोती ।
कोटिक चंद्र दिवाकर राजत समज्योति ॥
॥ जय अम्बे गौरी ॥

शुम्भ निशुम्भ बिडारे महिषासुर घाती ।
धूम्र विलोचन नैना निशिदिन मदमाती ॥
॥ जय अम्बे गौरी ॥

चौंसठ योगिनि मंगल गावैं नृत्य करत भैरू।
बाजत ताल मृदंगा अरू बाजत डमरू ॥
॥ जय अम्बे गौरी ॥

भुजा चार अति शोभित खड्ग खप्परधारी।
मनवांछित फल पावत सेवत नर नारी ॥
॥ जय अम्बे गौरी ॥

कंचन थाल विराजत अगर कपूर बाती ।
श्री मालकेतु में राजत कोटि रतन ज्योति ॥
॥ जय अम्बे गौरी ॥

श्री अम्बेजी की आरती जो कोई नर गावै ।
कहत शिवानंद स्वामी सुख-सम्पत्ति पावै ॥
॥ जय अम्बे गौरी ॥

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